खगोलविदों ने एक ऐसे एक्सोप्लैनेट की पहचान की है जिसे उनका मानना है कि पृथ्वी से सीधे देखे गए सबसे मंद एक्सोप्लैनेट हैं, जिसे बीटा पिक्टोरिस डी के रूप में नामित किया गया है। *Nature* में विस्तृत यह खोज, पहले से छिपे हुए अन्य मंद एक्सोप्लैनेटों की पहचान करने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
ग्रह, बीटा पिक्टोरिस डी, तारे बीटा पिक्टोरिस की परिक्रमा करते हुए पाया गया था। शोधकर्ताओं का सुझाव है कि इस मंद एक्सोप्लैनेट का पता लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विधि समान कम चमक वाले अन्य को खोजने के लिए लागू हो सकती है। टीम की सफलता उन्नत डेटा प्रोसेसिंग तकनीकों पर निर्भर करती है जो तारों की चकाचौंध के बीच से बेहद कमजोर संकेतों को अलग करने में सक्षम हैं।
21 जुलाई, 2026 को ऑनलाइन प्रकाशित यह शोध बताता है कि बीटा पिक्टोरिस डी की पहचान कैसे की गई थी। लेख के अनुसार, इस खोज से अन्य बहुत मंद एक्सोप्लैनेट का पता चल सकता है। टीम ने ग्रह से आने वाली मंद रोशनी को उसके मेजबान तारे द्वारा उत्सर्जित अधिक चमकदार रोशनी से अलग करने के लिए परिष्कृत तरीकों का इस्तेमाल किया।
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